नेशनल डेस्क। तेलंगाना में कभी टॉप माओवादी कमांडर रहे 62 वर्षीय थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी अब शिक्षा की राह पर लौट आए हैं। चार दशक तक नक्सली आंदोलन में सक्रिय रहने वाले देवजी ने इस बार इंटरमीडिएट यानी 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा दी है। जगित्याल जिले के कोरुतला स्थित मास्ट्रो जूनियर कॉलेज में उन्होंने सेकेंड ईयर का तेलुगु पेपर दिया। बताया गया कि वर्ष 1985 में भी उन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा दी थी, लेकिन तेलुगु विषय में फेल हो गए थे। इसके बाद वह भूमिगत होकर माओवादी संगठन में शामिल हो गए थे।
तेलंगाना में कभी AK-47 के दम पर खौफ फैलाने वाला एक टॉप नक्सली कमांडर अब शिक्षा की राह पर लौट आया है। 62 वर्षीय पूर्व माओवादी नेता थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने इस साल इंटरमीडिएट यानी 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर सबको चौंका दिया। जगित्याल जिले के कोरुतला कस्बे स्थित मास्ट्रो जूनियर कॉलेज में देवजी ने सेकेंड ईयर का तेलुगु पेपर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने 1985 में इंटरमीडिएट परीक्षा दी थी, लेकिन तेलुगु विषय में फेल हो गए थे। इसके बाद वह भूमिगत होकर माओवादी आंदोलन में शामिल हो गए थे। करीब 44 वर्षों तक देवजी प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के बड़े नेताओं में शामिल रहे। वह केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो स्तर तक सक्रिय रहे और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के सैन्य विंग की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कोरुतला के अंबेडकर नगर निवासी देवजी ने 1983 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही नक्सली आंदोलन का रास्ता चुन लिया था। हाल ही में उन्होंने मुख्यधारा में वापसी करते हुए हथियार छोड़ दिए और अब अधूरी पढ़ाई पूरी करने में जुट गए हैं। एक समय AK-47 थामने वाले हाथ अब कलम पकड़कर नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
