एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेत्री और गायिका श्रुति हासन ने अपने हेयर केयर रूटीन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से किसी हेयर सैलून नहीं गई हैं और अपने बाल खुद ही काटती तथा उनकी देखभाल करती हैं। इंस्टाग्राम पर आयोजित ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन में एक प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए श्रुति ने कहा कि उन्होंने आखिरी बार वर्ष 2017 में अपने बालों को कलर कराया था। इसके बाद से वह घर पर ही बालों की ट्रिमिंग, ट्रीटमेंट और स्टाइलिंग करती हैं।
अपनी अलग पहचान और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर अभिनेत्री एवं गायिका श्रुति हासन ने हाल ही में अपने हेयर केयर रूटीन को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने फैंस को हैरान कर दिया। श्रुति ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से किसी हेयर सैलून नहीं गई हैं और अपने बालों की कटिंग से लेकर ट्रीटमेंट तक का काम खुद ही करती हैं। इंस्टाग्राम पर आयोजित ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान एक प्रशंसक ने उनसे उनके लंबे, घने और स्वस्थ बालों का राज पूछा। जवाब में श्रुति ने कहा, “मैं कम से कम पांच सालों से किसी हेयर सैलून नहीं गई हूं। आखिरी बार मैंने 2017 में अपने बालों को कलर किया था। मैं अपने बाल खुद काटती और ट्रीट करती हूं।” फिल्म Salaar की अभिनेत्री श्रुति अपने लंबे, लहराते काले बालों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से उन्होंने न तो बालों में डाई कराई है और न ही किसी प्रोफेशनल हेयर स्पा या सैलून की मदद ली है। इसके बजाय वह घर पर ही बालों को ट्रिम, ट्रीट और स्टाइल करती हैं। उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनकी सादगी और आत्मनिर्भरता की सराहना की, जबकि कुछ इस बात से हैरान थे कि ग्लैमर इंडस्ट्री की एक बड़ी स्टार बिना प्रोफेशनल मदद के अपना लुक कैसे बनाए रखती हैं। श्रुति हासन पहले भी मानसिक स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और वास्तविक जीवनशैली को लेकर खुलकर अपनी बात रखती रही हैं। उनका मानना है कि सुंदर और स्वस्थ बालों के लिए महंगे ट्रीटमेंट या बार-बार सैलून जाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि नियमित देखभाल और सही रूटीन ही सबसे महत्वपूर्ण है। श्रुति का यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है, जब सेलिब्रिटीज के ब्यूटी रूटीन अक्सर आम लोगों की पहुंच से बाहर माने जाते हैं। उनका सादगी भरा तरीका यह संदेश देता है कि अच्छी हेयर केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट्स या बड़ी टीम नहीं, बल्कि निरंतर देखभाल और अनुशासन जरूरी है।
