नेशनल डेस्क। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के निर्देश पर लागू किए गए इस आदेश के तहत सरकारी कार्यालयों में स्मार्टफोन का उपयोग पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के निर्देश पर जून 2026 से यह आदेश पूरे देश में लागू कर दिया गया है। मिलिट्री कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी को कार्यालय परिसर में स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हुए पाए जाने पर तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित स्मार्टफोन जब्त कर नष्ट करने की भी चेतावनी दी गई है।
डिजिटल कामकाज पर पड़ा असर- इस फैसले के बाद सरकारी दफ्तरों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। अब तक विभागीय सूचनाओं का आदान-प्रदान, फाइलों का प्रबंधन, ईमेल संचार, व्हाट्सएप ग्रुप्स और एआई आधारित अनुवाद उपकरणों के जरिए होता था। स्मार्टफोन प्रतिबंध के बाद ये व्यवस्थाएं लगभग ठप हो गई हैं। स्कूल शिक्षकों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें केवल साधारण फोन कॉल और कागजी दस्तावेजों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे कामकाज धीमा और जटिल हो गया है।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?- अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तालिबान सरकार के इस फैसले के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं-
- गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का डर: अधिकारियों को आशंका थी कि कर्मचारी दस्तावेजों की तस्वीरें या बैठकों की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर नियंत्रण: हाल के महीनों में विरोध प्रदर्शनों और सरकारी नीतियों से जुड़े वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हुए थे, जिससे तालिबान सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। इसी प्रवाह को रोकने के लिए स्मार्टफोन और डिजिटल संचार पर सख्ती बढ़ाई गई है।
बढ़ सकती हैं प्रशासनिक चुनौतियां-
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन पर पूर्ण प्रतिबंध से सरकारी कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। डिजिटल संचार के अभाव में विभागों के बीच समन्वय, दस्तावेजों का आदान-प्रदान और सूचना प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है।
