प्रयागराज। जिले में एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में फंसे अपने तीन बच्चों को बचाकर ममता की मिसाल पेश की। नैनी इलाके के पुराने बाजार स्थित चैंपियन गली में एक मकान के नीचे संचालित क्रॉकरी दुकान में आग लग गई, जो तेजी से ऊपर बने घर तक फैल गई।
प्रयागराज के नैनी इलाके में इंसानियत और ममता की मिसाल बन गई एक मां की कहानी ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। भीषण आग के बीच फंसी 38 वर्षीय अर्चना केसरवानी ने अपनी जान की परवाह किए बिना पहले अपने तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गईं। बताया गया कि चैंपियन गली स्थित एक मकान के नीचे क्रॉकरी की दुकान में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपर कमरे में अर्चना अपने तीन बच्चों के साथ फंसी हुई थीं। चारों तरफ धुआं और आग फैल चुकी थी, लेकिन मां ने हिम्मत नहीं हारी। सबसे पहले अर्चना ने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटकर नीचे मौजूद लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद पड़ोसियों द्वारा दो इमारतों के बीच लगाई गई सीढ़ी के सहारे अपनी दोनों बेटियों को सुरक्षित बाहर भेजा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह करीब आधे घंटे तक धुएं और आग के बीच बच्चों को बचाने के लिए संघर्ष करती दिखाई दे रही हैं। दमकल विभाग के अनुसार जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक अर्चना गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अर्चना केसरवानी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन एक मां के साहस और त्याग की उनकी कहानी लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी।
