सिंगरौली। शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए एक डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन एवं मानदेय काट दिया गया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक ढोंटी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. फयाज अहमद, वहीं पदस्थ नर्सिंग अफसर जेबा सिद्धीकी तथा यूपीएचसी नवजीवन विहार की नर्सिंग अफसर राजमती कुशवाहा अपने कार्यस्थल से बिना किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से तीनों कर्मचारियों का एक दिन का वेतन और मानदेय काटने का आदेश जारी किया है। बताया गया कि यह कार्रवाई 6 जून 2026 को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के बाद की गई है। बैठक में शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की खराब प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई थी और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ ने तीनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और कार्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और निगरानी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
