सिंगरौली। कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम तथा प्रभावित बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम, बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि बाल कल्याण समिति के माध्यम से आने वाले सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। जिन बच्चों की पढ़ाई छूट गई है, उनका दोबारा स्कूल में प्रवेश कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित की जाए तथा उनके अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में संरक्षण और देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए जिले में चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजने तथा इसके संचालन की जिम्मेदारी रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बाल विवाह से प्रभावित बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम, शिक्षा विभाग और श्रम विभाग को संयुक्त रूप से ऐसे स्थानों की पहचान कर कार्रवाई करने के लिए कहा, जहां बच्चों से श्रम कराया जा रहा है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अभिभावकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
