हेल्थ न्यूज़। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान लगाए और चीज़ें जल्दी सीखे। लेकिन यदि बच्चा बार-बार भूलता है, पढ़ाई के दौरान आसानी से ध्यान भटक जाता है या किसी काम को पूरा करने में कठिनाई होती है, तो यह उसके मस्तिष्क को बेहतर पोषण और सहयोग की आवश्यकता का संकेत हो सकता है।
आजकल कई माता-पिता अपने बच्चों के पढ़ाई में ध्यान न लगने और बार-बार बातें भूल जाने की समस्या से परेशान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चा पढ़ाई के दौरान जल्दी विचलित हो जाता है, काम अधूरा छोड़ देता है या निर्देश याद नहीं रख पाता, तो इसके पीछे पोषण की कमी, अधिक स्क्रीन टाइम, पर्याप्त नींद न मिलना, तनाव, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खानपान जैसे कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की एकाग्रता और याददाश्त बेहतर बनाने के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, सीमित स्क्रीन टाइम और रोजाना शारीरिक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। अखरोट, अलसी के बीज, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ मस्तिष्क के विकास में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा पजल्स, कहानी सुनाना और रचनात्मक खेल बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उन्हें सकारात्मक माहौल दें और उनकी कोशिशों की सराहना करें। यदि लंबे समय तक ध्यान की कमी या याददाश्त से जुड़ी समस्या बनी रहे, तो किसी बाल रोग विशेषज्ञ या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।
