लाइफस्टाइल डेस्क। बच्चों की पसंदीदा सॉफ्ट ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड फ्रूट जूस उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन पेय पदार्थों में मौजूद अधिक मात्रा में चीनी (Added Sugar) बचपन में मोटापा बढ़ाने के साथ भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
अगर आपका बच्चा रोज़ाना सॉफ्ट ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक या पैक्ड फ्रूट जूस पीता है, तो सावधान हो जाइए। विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी से भरपूर ये पेय पदार्थ बचपन में ही मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और भविष्य में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन’ (2023) में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी में 5.4 लाख से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि जिन बच्चों ने मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम किया, उनमें BMI (बॉडी मास इंडेक्स) की बढ़ोतरी भी कम रही। वहीं, वयस्कों में भी मीठी ड्रिंक्स छोड़ने पर वजन कम होने के संकेत मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि पैक्ड फ्रूट जूस भी पूरी तरह सुरक्षित विकल्प नहीं हैं, क्योंकि इनमें अक्सर एडेड शुगर अधिक होती है और फाइबर की कमी होती है। लगातार अधिक चीनी का सेवन रक्त वाहिकाओं, हृदय और मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
बच्चों के लिए क्या करें?-
- पानी को मुख्य पेय बनाएं।
- पैक्ड जूस की जगह साबुत फल दें।
- बिना चीनी वाला दूध नियमित रूप से पिलाएं।
- सॉफ्ट ड्रिंक्स और मीठे पेय केवल कभी-कभार ही दें।
- माता-पिता खुद भी हेल्दी ड्रिंक चुनकर बच्चों के लिए उदाहरण बनें।
विशेषज्ञों का मानना है कि बचपन में बनी अच्छी खान-पान की आदतें ही भविष्य में बच्चों को मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
