कबीरधाम। जिले से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पति अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी को इलाज दिलाने के लिए बाइक को ही स्ट्रेचर बनाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। यह घटना न सिर्फ परिवार की मजबूरी दिखाती है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों पर भी सवाल खड़े करती है।
जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को इलाज दिलाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल को ही स्ट्रेचर में बदल दिया और उसी पर लिटाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। यह दृश्य न सिर्फ एक परिवार की बेबसी दिखाता है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। कबीरधाम जिले के नगवाही गांव के निवासी समलू मरकाम अपनी पत्नी कपुरा मरकाम के इलाज के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। कपुरा मरकाम थायराइड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, जिसकी वजह से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। चलने-फिरने में असमर्थ हो चुकी महिला को अस्पताल तक ले जाना भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आर्थिक तंगी ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। समलू मरकाम ने बताया कि उन्होंने पत्नी के इलाज में अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी। यहां तक कि जमीन बेचनी पड़ी और घर तक गिरवी रखना पड़ा, लेकिन इलाज का खर्च लगातार बढ़ता गया और बीमारी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। कई बड़े अस्पतालों, यहां तक कि एम्स जैसे संस्थानों में भी इलाज कराया गया, लेकिन राहत नहीं मिल सकी। एंबुलेंस या किसी अन्य साधन की व्यवस्था न होने पर समलू ने मजबूरी में अपनी मोटरसाइकिल पर लकड़ी की पट्टियां लगाकर उसे अस्थायी स्ट्रेचर का रूप दिया और पत्नी को उसी पर लिटाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। यह मार्मिक दृश्य वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था की उन खामियों का आईना है, जहां आज भी गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
