Extreme heat increases the risk: देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान 45°C के करीब पहुंच गया है, जिसे लेकर डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 40°C से ज्यादा तापमान शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि अत्यधिक गर्मी शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है, जिससे कई अंग प्रभावित हो सकते हैं।
देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रही है। राष्ट्रीय राजधानी समेत कई इलाकों में तापमान 45°C के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे में डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, 40°C से ज्यादा तापमान सिर्फ असहज ही नहीं बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। रिसर्च में सामने आया है कि अत्यधिक गर्मी शरीर के कई अंगों के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
40°C से ज्यादा तापमान क्यों है खतरनाक?- चिकित्सा शोधों के अनुसार, जब शरीर का अंदरूनी तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो शरीर की कोशिकाएं (Cells) ठीक से काम करना बंद कर देती हैं। इस स्थिति को हाइपरथर्मिया कहा जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में सूजन, खून के थक्के बनने और कई अंगों के फेल होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर प्लेटलेट्स और ब्लड सेल्स गर्मी के प्रति बेहद संवेदनशील होती हैं।
दिल और दिमाग पर पड़ सकता है असर- डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक के मरीजों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म मौसम में शरीर ज्यादा खून त्वचा की ओर भेजता है ताकि शरीर ठंडा रह सके। इससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?-
बुजुर्ग
छोटे बच्चे
गर्भवती महिलाएं
मधुमेह के मरीज
हृदय रोग से पीड़ित लोग
इन लोगों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
लू लगने के सामान्य लक्षण-
अत्यधिक पसीना आना
चक्कर आना
सिरदर्द
कमजोरी
उल्टी
लो ब्लड प्रेशर
तेज बुखार
बेहोशी या भ्रम
गंभीर मामलों में मरीज को दौरे भी पड़ सकते हैं।
खुद को और परिवार को कैसे बचाएं?- डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर सुबह 11 बजे से शाम 4-5 बजे तक धूप में जाने से बचना चाहिए।
अगर बाहर जाना जरूरी हो तो:-
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
सिर को टोपी, स्कार्फ या गमछे से ढकें
भरपूर पानी पिएं
ORS और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें
सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी- विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादा पसीना आने पर शरीर से नमक भी निकल जाता है। ऐसे में सिर्फ पानी पीना काफी नहीं होता। ORS, नींबू पानी, बेल का शरबत, शिकंजी और दाल का पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय रहते सावधानी बरतकर हीट स्ट्रोक और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।