भोपाल। भोपाल से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने मृत IPS अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। हबीबगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है।
राजधानी में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक एजेंसी संचालक ने मृत IPS अधिकारी के नाम पर जाली हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपए का खेल कर डाला। हबीबगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी राजकुमार पांडे ने दिवंगत पूर्व IPS अधिकारी एसके पांडे के फर्जी हस्ताक्षर कर अपनी “क्लासिक सिक्योरिटी” एजेंसी का लाइसेंस रिन्यू करा लिया। लाइसेंस के आधार पर उसने प्रदेशभर में सरकारी ठेके हासिल किए और करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान प्राप्त कर लिया।
2017 से 2022 तक चला फर्जी खेल-
जांच में सामने आया कि एजेंसी का लाइसेंस 2017 में समाप्त हो गया था। रिन्यूअल में दिक्कत आने पर आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मृत IPS अधिकारी के नाम का दुरुपयोग किया। इसके बाद 5 साल तक लगातार सरकारी विभागों से ठेके लेकर रकम हासिल करता रहा।
शिकायत के बाद खुली पोल-
संस्कृति विभाग में शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें दस्तावेजों में गड़बड़ी और फर्जी हस्ताक्षर का खुलासा हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड पर भेजा गया आरोपी-
कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। थाना प्रभारी के अनुसार, दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और भुगतान प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भी जांच की जा रही है।
कई मामलों में पहले से आरोपी-
राजकुमार पांडे के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में पहले से ही धोखाधड़ी और जालसाजी के करीब 10 मामले दर्ज हैं।
