शिवपुरी। जिले के करैरा क्षेत्र में बिल्ली के पंजे से लगी मामूली खरोंच एक 13 वर्षीय बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुई। समय पर एंटी-रेबीज टीका नहीं लगवाने के कारण बच्चे में रेबीज संक्रमण फैल गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जिले के करैरा क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बिल्ली के पंजा मारने से लगी मामूली खरोंच को नजरअंदाज करना 13 वर्षीय बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ। समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाने के कारण बच्चे में रेबीज संक्रमण फैल गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, करैरा निवासी 13 वर्षीय बालक को कुछ समय पहले बिल्ली ने पंजा मार दिया था, जिससे उसके शरीर पर खरोंच आई थी। परिजनों ने इसे सामान्य घटना मानकर न तो डॉक्टर को दिखाया और न ही एंटी-रेबीज टीका लगवाया। सोमवार को अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और उसका व्यवहार असामान्य हो गया। गंभीर हालत में उसे ग्वालियर ले जाया गया, जहां निजी अस्पतालों ने स्थिति नाजुक बताकर भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन बच्चे को कमलाराजा अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, तब तक संक्रमण बच्चे के मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम तक पहुंच चुका था। बच्चा पानी और ठंडी हवा से डरने लगा था तथा उसके मुंह से लगातार लार निकल रही थी, जो रेबीज के अंतिम चरण के लक्षण हैं। डॉक्टरों ने उसे पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। जीआरएमसी के पीडियाट्रिक विभाग के प्रभारी डॉ. घनश्याम व्यास ने बताया कि रेबीज की अंतिम अवस्था में अस्पताल पहुंचने के कारण बच्चे को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिल्ली, कुत्ते या बंदर के काटने अथवा खरोंचने की किसी भी घटना को हल्के में न लें। घाव को तुरंत साबुन-पानी से धोएं और 24 घंटे के भीतर एंटी-रेबीज टीका अवश्य लगवाएं।
