सिंगरौली। एनसीएल की सीएसआर पहल “सेवा कुटीर” सिंगरौली के दूरस्थ गांवों और आदिवासी बस्तियों के बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही है। एनसीएल, परिवार एजुकेशन सोसाइटी के सहयोग से 25 गांवों में सेवा कुटीर केंद्र संचालित कर रही है, जहां 2000 से अधिक बच्चों को पूरक शिक्षा, पोषण और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
जिले के दूरस्थ गांवों और आदिवासी बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए Northern Coalfields Limited की “सेवा कुटीर” पहल उम्मीद की नई रोशनी बनकर उभरी है। एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत संचालित इस योजना के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। परिवार एजुकेशन सोसाइटी के सहयोग से जिले के 25 गांवों में संचालित सेवा कुटीर केंद्रों पर 2000 से अधिक बच्चों को पूरक शिक्षा दी जा रही है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल-कूद, योग, चित्रकला, कहानी, हस्तशिल्प और नैतिक शिक्षा जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। एनसीएल “सेवा कुटीर” का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नवोदय विद्यालय और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयार करना भी है। इसी प्रयास का परिणाम है कि जमथिवा की सुनीता देवी, हरिजन बस्ती के विकास बैगा और सिंदुरिया टोला की नीलम देवी ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय परीक्षा में सफलता हासिल की है। एनसीएल की यह पहल अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और बड़े सपने देखने का साहस भी विकसित कर रही है।
