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एनसीएल की सीएसआर पहलों से बदली सिंगरौली-सोनभद्र की तस्वीर, 12 वर्षों में 10 लाख लोगों तक पहुंचा लाभ

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By: सूरज कुमार

On: Sunday, June 14, 2026 12:07 PM

सिंगरौली। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी Northern Coalfields Limited (एनसीएल) अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहलों के जरिए सिंगरौली, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिख रही है। पिछले 12 वर्षों में कंपनी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में ₹1370 करोड़ खर्च कर करीब 10 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का दावा किया है।

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजनाओं के माध्यम से सिंगरौली, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की नई मिसाल कायम कर रही है। पिछले 12 वर्षों में कंपनी ने विभिन्न सामाजिक विकास परियोजनाओं पर करीब 1370 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग 10 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। एनसीएल का सीएसआर व्यय वर्ष 2013-14 के 39 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 146 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, पेयजल, आधारभूत संरचना और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में कंपनी की पहलें उल्लेखनीय परिणाम दे रही हैं।

कंपनी द्वारा सिंगरौली में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग टेक्नोलॉजी की स्थापना में सहयोग दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। वहीं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से हर वर्ष हजारों दिव्यांगजनों को चिकित्सा, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में संचालित ‘चरक’ योजना गंभीर और जानलेवा बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के उपचार में सहायक बन रही है। इसके अलावा ‘नन्हा-सा-दिल-एनसीएल’ परियोजना के तहत अब तक 38 हजार से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच और 240 बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है।

रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई वैढ़न और दुद्धी में कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे 1350 से अधिक युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण मिला है। वहीं स्मॉल होल्डर्स पोल्ट्री परियोजना के माध्यम से आदिवासी परिवारों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एनसीएल ने गोपद और मयार नदियों के कैचमेंट क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इसके साथ ही चितरंगी क्षेत्र में 10,253 घरों का विद्युतीकरण कर लगभग 40 हजार लोगों के जीवन में उजाला पहुंचाया गया है। एनसीएल की ये जनकल्याणकारी पहलें क्षेत्र में समावेशी विकास को गति देने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही हैं, जिससे सिंगरौली और सोनभद्र के विकास को नई दिशा मिल रही है।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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