भक्ति डेस्क। गणेश चतुर्थी को लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। भक्त गणपति बप्पा की स्थापना के साथ पूजा स्थल को आकर्षक रूप देने की तैयारियों में जुटे हैं। कम बजट में भी फूल, दीये, रोशनी और प्राकृतिक सामग्री से गणपति दरबार को खूबसूरत बनाया जा सकता है।
गणेश चतुर्थी का पर्व इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भक्त भगवान गणेश की स्थापना के साथ पूजा स्थल को आकर्षक बनाने में जुटे हैं। खास बात यह है कि घर के मंदिर या गणपति दरबार को सजाने के लिए महंगे सामान की जरूरत नहीं है। फूल, रोशनी, पर्दे और प्राकृतिक चीजों से कम बजट में भी खूबसूरत सजावट की जा सकती है।
फूलों से तैयार करें मंडप-
गेंदे, गुलाब और मोगरे के फूलों से गणपति के लिए सुंदर मंडप बनाया जा सकता है। पीछे हल्के रंग का पर्दा लगाकर फूलों की लड़ियां सजाएं। फूलों से ॐ या स्वास्तिक की आकृति बनाकर सजावट को पारंपरिक अंदाज दिया जा सकता है।
फेयरी लाइट्स से बढ़ाएं रौनक-
गणपति दरबार को आकर्षक बनाने के लिए फेयरी लाइट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें बैकड्रॉप, पर्दे या मंडप के चारों ओर लगाने से शाम के समय पूजा स्थल जगमगा उठेगा।
पत्तों और पौधों से दें प्राकृतिक लुक-
केले के पत्ते, आम के पत्तों की बंदनवार और छोटे सजावटी पौधों से गणपति दरबार को प्राकृतिक और पारंपरिक रूप दिया जा सकता है। यह सजावट पूजा स्थल को शांत और सुकूनभरा माहौल भी देती है।
रंगीन पर्दों से बनाएं आकर्षक बैकड्रॉप
लाल, पीला, गुलाबी या केसरिया रंग के पर्दे गणपति सजावट में खास लुक देते हैं। पर्दे के साथ फूलों की लड़ियां और रोशनी लगाकर सुंदर बैकड्रॉप तैयार किया जा सकता है।
रंगोली और दीयों से सजाएं प्रवेश-
गणपति दरबार के सामने रंगोली बनाकर उसके आसपास मिट्टी के दीये रखे जा सकते हैं। फूलों की पंखुड़ियों से बनी रंगोली भी आकर्षण बढ़ाएगी। सजावट में बच्चों को शामिल कर उत्सव को और खास बनाया जा सकता है।
इको-फ्रेंडली सजावट को दें प्राथमिकता-
सजावट में थर्माकोल और प्लास्टिक की जगह कागज, कपड़ा, फूल, पत्ते, बांस और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सजावट खूबसूरत होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी रहेगी।
दुपट्टे-साड़ियों से तैयार करें बैकड्रॉप-
कम बजट में सजावट के लिए घर में मौजूद दुपट्टे या साड़ियों को बैकड्रॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ फूलों की माला, दीये और लाइट की लड़ियां लगाकर आकर्षक गणपति दरबार तैयार किया जा सकता है। सजावट में महंगी चीजों से ज्यादा साफ-सफाई, रचनात्मकता और श्रद्धा महत्वपूर्ण है।
