हेल्थ डेस्क। गुस्से पर नियंत्रण न रखना दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार और तेज गुस्सा करने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।
बार-बार गुस्सा करना सिर्फ रिश्तों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। कई शोध बताते हैं कि जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
रिसर्च क्या कहती है?-
European Heart Journal में 2014 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, गुस्सा आने के बाद के दो घंटों में हार्ट अटैक का खतरा लगभग 5 गुना और स्ट्रोक का खतरा 3 गुना तक बढ़ सकता है। शोध में यह भी सामने आया कि जितना अधिक और बार-बार गुस्सा आता है, हृदय रोगों का जोखिम उतना ही बढ़ता है।
गुस्से का दिल पर असर कैसे पड़ता है?-
गुस्से के दौरान शरीर में कैटेकोलामाइन (Catecholamines) जैसे स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और धमनियों में प्लाक बनने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जो आगे चलकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज का कारण बनती है। अचानक बढ़े ये हार्मोन हार्ट अटैक, खतरनाक हार्ट रिदम और ‘ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम’ (Stress Cardiomyopathy) जैसी स्थिति भी पैदा कर सकते हैं, जो महिलाओं में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है।
गुस्से पर कैसे रखें काबू?-
- गुस्सा आने पर कुछ देर के लिए उस स्थिति से दूर हो जाएं।
- 10 तक गिनती करें और तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें।
- आक्रामक होने की बजाय शांत और स्पष्ट तरीके से अपनी बात रखें।
- गहरी सांस, योग, मेडिटेशन और माइंडफुलनेस जैसी तकनीकों का अभ्यास करें।
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।
- यदि गुस्सा बार-बार आता है या पहले से हृदय रोग है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार या काउंसलिंग लें।
