हेल्थ डेस्क। हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल दिल ही नहीं बल्कि दिमाग और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान या तनाव समझ लेते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर लोग सिर्फ दिल की बीमारी मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर दिमाग समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ सकता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान, तनाव या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज मामूली सिरदर्द या चक्कर आने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन जांच में पता चलता है कि उनका ब्लड प्रेशर लंबे समय से बढ़ा हुआ था। अनियंत्रित हाई BP दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचाकर Stroke का खतरा बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार सिरदर्द, खासकर सुबह उठते समय सिर भारी लगना हाई BP का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसके अलावा अचानक चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना और आंखों के सामने धुंधलापन भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की चेतावनी हो सकती है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रहने से दिमाग की रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं, जिससे भूलने की समस्या, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और मानसिक थकान जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है, जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर यह सोचकर लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं कि हाई BP सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी है, जबकि आजकल युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों ने बचाव के लिए नियमित ब्लड प्रेशर जांच, नमक का कम सेवन, रोजाना व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव कम रखने की सलाह दी है। यदि तेज सिरदर्द, बोलने में परेशानी, चेहरे का टेढ़ापन या हाथ-पैर में अचानक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
