सिंगरौली। जल संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत हर्रई तालाब में कलश यात्रा, जल अभिषेक एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रीवा संभाग के कमिश्नर ने श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया।
“जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत हर्रई तालाब में कलश यात्रा, कलश पूजन एवं जल अभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रीवा संभाग के कमिश्नर ने विधिवत पूजन-अर्चन कर श्रमदान किया और जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणजनों की सहभागिता से हर्रई तालाब में जल अभिषेक किया गया। इसके बाद तालाब परिसर में साफ-सफाई एवं श्रमदान कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। कमिश्नर ने अपने संबोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” केवल शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से तालाबों एवं पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण, जल बचाने और पर्यावरण संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही आगामी 25 जून को गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय जल संरक्षण समारोह में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की।
