सिंगरौली। जल संरक्षण की दिशा में सिंगरौली जिला लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जिले में व्यापक स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान ने अब जनभागीदारी का रूप ले लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने सिंगरौली जिले में जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों की सहभागिता से जिले में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देशन में अभियान के तहत अब तक 3000 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन कार्य पूरा किया जा चुका है। अभियान के अंतर्गत जिले में 1,922 खेत तालाबों का निर्माण, 1,156 डगवेल रिचार्ज तथा 68 चेक डैम तैयार किए गए हैं। वहीं 603 सार्वजनिक पेयजल सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बेहतर हुई है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में पुराने तालाबों और कुओं के गहरीकरण का कार्य भी तेजी से जारी है। वर्तमान में करीब 40 तालाबों का गहरीकरण किया जा रहा है, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में जल संग्रहण क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। बैरिहवा और चितरंगी क्षेत्र में विकसित ‘अमृत सरोवर’ भू-जल स्तर सुधारने के साथ स्थानीय पर्यावरण को भी हराभरा बना रहे हैं। अभियान की खास बात यह है कि इसमें प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों द्वारा सीएसआर मद से सहयोग और ग्रामीणों के श्रमदान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी की जा रही है। जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, सिंगरौली विधायक राम निवास शाह एवं देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्थलों पर भूमि पूजन और जल पूजन कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया। जिला प्रशासन का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित कर सिंगरौली को जल की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
