मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान एक गर्भवती कांवड़िया ने जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही पिलखुआ निवासी 30 वर्षीय नेहा को सोमवार सुबह रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सामान्य प्रसव से दो पुत्रों का जन्म हुआ।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और मातृत्व का भावुक दृश्य देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही 30 वर्षीय गर्भवती कांवड़िया नेहा ने प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। समय से पहले जन्म लेने के कारण दोनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पिलखुआ निवासी नेहा पत्नी अनुराग सोमवार सुबह कांवड़ यात्रा से लौट रही थीं। सुबह करीब 9:15 बजे उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। साथ चल रही महिला कांवड़िया उन्हें तत्काल जिला महिला चिकित्सालय लेकर पहुंची। जांच में पता चला कि नेहा सात माह की गर्भवती हैं और समय से पहले प्रसव शुरू हो चुका है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर ने बताया कि सुबह 11:19 बजे पहले और 11:21 बजे दूसरे पुत्र का सामान्य प्रसव हुआ। समय से पूर्व जन्म लेने के कारण दोनों बच्चों को सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके चलते उन्हें एसएनसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। बाद में एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर मां और दोनों नवजातों का हालचाल जाना, परिवार को शुभकामनाएं दीं तथा बच्चों के लिए उपहार और मां के लिए फल भेंट किए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मां और दोनों नवजात चिकित्सकीय निगरानी में हैं और सभी की स्थिति सामान्य है।
