कोमा से जागी 19 साल की लड़की बोली- “मेरे 3 बच्चे कहां हैं?”, डॉक्टर भी रह गए हैरान
नेशनल डेस्क। फ्रांस से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 19 वर्षीय क्लेलिया वर्दियर तीन हफ्ते कोमा में रहने के बाद जब होश में आई, तो उसने अपने तीन बच्चों के बारे में पूछना शुरू कर दिया। लेकिन असलियत सामने आने पर सभी हैरान रह गए। डॉक्टरों के अनुसार, क्लेलिया के कोई बच्चे वास्तव में थे ही नहीं। यह पूरी कहानी उसके दिमाग द्वारा कोमा के दौरान रची गई एक काल्पनिक दुनिया का हिस्सा थी।
फ्रांस से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 19 वर्षीय क्लेलिया वर्दियर तीन हफ्ते कोमा में रहने के बाद जब होश में आई तो उसने अपने तीन बच्चों के बारे में पूछा। लेकिन डॉक्टरों ने जो सच बताया, उसने सभी को हैरान कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, क्लेलिया के कोई बच्चे असल में थे ही नहीं, बल्कि यह सब उसके दिमाग द्वारा कोमा के दौरान बनाई गई एक काल्पनिक दुनिया का हिस्सा था।
कोमा के दौरान बनी पूरी जिंदगी- रिपोर्ट के अनुसार, क्लेलिया ने दवाइयों का अत्यधिक सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे मेडिकल कोमा में रखा गया। इसी दौरान उसे बेहद वास्तविक सपने आने लगे, जिनमें उसने खुद को एक मां के रूप में देखा। उसने बताया कि उसने सपने में तीन बच्चों को जन्म दिया था, जिनके नाम भी उसने रखे थे। उसके अनुसार, उसने बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें गोद में लिया और उनकी देखभाल भी की—सब कुछ उसे बिल्कुल वास्तविक महसूस हुआ।
जागने पर हुआ बड़ा खुलासा- जब क्लेलिया को होश आया तो उसने अपने “बच्चों” के बारे में पूछना शुरू किया। लेकिन डॉक्टरों और परिवार ने उसे बताया कि ऐसी कोई घटना असल में हुई ही नहीं थी। यह सुनकर वह भावनात्मक रूप से टूट गई। उसने कहा कि उसे यकीन था कि वह सच में मां बन चुकी है और उसने अपने माता-पिता को दादा-दादी भी बताया था।
डॉक्टरों की राय- न्यूरोलॉजिस्ट्स का कहना है कि कोमा के दौरान दिमाग बेहद जटिल और वास्तविक सपने बना सकता है, खासकर जब मरीज किसी गंभीर मानसिक या शारीरिक ट्रॉमा से गुजर रहा हो। कई बार मरीज इन अनुभवों को वास्तविक जीवन की तरह ही स्वीकार कर लेते हैं। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि मानव मस्तिष्क कितनी गहराई से कल्पना और वास्तविकता के बीच की सीमा को धुंधला कर सकता है।
सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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