स्वास्थ्य डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और एंग्जायटी (चिंता) आम समस्याएं बन चुकी हैं। काम का भारी दबाव, निजी परेशानियां, नींद की कमी और लगातार सोचते रहने का नकारात्मक असर न केवल हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि इसका असर शारीरिक सेहत पर भी दिखाई देता है। डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा व बाल विशेषज्ञ) के अनुसार, लंबे समय तक बना रहने वाला या गंभीर तनाव कुछ लोगों में बाल झड़ने (हेयर फॉल) की समस्या को बढ़ा सकता है।
आज की तेज रफ्तार और प्रतिस्पर्धात्मक जिंदगी में तनाव और एंग्जायटी (चिंता) लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। काम का दबाव, पारिवारिक चिंताएं, अधूरी नींद और लगातार सोचने की आदत का असर अब सिर्फ मानसिक सेहत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आपकी शारीरिक सुंदरता और बालों पर भी भारी पड़ रहा है। त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञों (डर्मेटोलॉजिस्ट) के अनुसार, गंभीर और लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव बालों के झड़ने की एक बड़ी वजह बन सकता है।
तनाव से कैसे बिगड़ता है बालों का प्राकृतिक चक्र?- हमारे सिर के बाल एक निश्चित चक्र (Growth Cycle) के तहत बढ़ते हैं, रुकते हैं और झड़ते हैं। जब शरीर लगातार तनाव या चिंता की स्थिति में रहता है, तो शरीर का ‘स्ट्रेस रिस्पॉन्स’ इस चक्र को बाधित कर देता है। अत्यधिक तनाव के कारण सिर के कई बाल समय से पहले ही ‘रेस्टिंग फेज’ (विश्राम अवस्था) में चले जाते हैं। इसके कुछ समय बाद वे तेजी से टूटने लगते हैं। मेडिकल भाषा में इस समस्या को ‘टेलोजन एफ्लुवियम’ (Telogen Effluvium) कहा जाता है।
तुरंत नहीं, हफ्तों बाद नजर आता है असर- स्ट्रेस जनित हेयर फॉल का सबसे पेचीदा पहलू यह है कि तनाव की घटना के तुरंत बाद बाल नहीं झड़ते। आमतौर पर किसी बड़ी मानसिक परेशानी या एंग्जायटी के कुछ हफ्तों या महीनों बाद अचानक कंघी करते समय, नहाते समय या बालों में हाथ फेरने पर बालों का गुच्छा बाहर आने लगता है। समय के इस फासले के कारण अक्सर लोग तनाव और हेयर फॉल के रिश्ते को समझ नहीं पाते।
हर बार तनाव ही अकेला जिम्मेदार नहीं- चिकित्सकों के मुताबिक, बाल झड़ने पर केवल एंग्जायटी को दोष देना सही नहीं है। इसके पीछे कई अन्य शारीरिक और चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं:
- पोषक तत्वों की कमी: शरीर में आयरन, विटामिन या जरूरी मिनरल्स का कम होना।
- हार्मोनल असंतुलन: थायरॉइड की समस्या, अचानक वजन घटना या हार्मोन्स में बदलाव।
- अस्वस्थ जीवनशैली: खराब खान-पान, नींद की कमी और स्कैल्प से जुड़ी परेशानियां (जैसे डैंड्रफ या इंफेक्शन)।
इलाज के साथ तनाव प्रबंधन भी जरूरी- यदि जांच में हेयर फॉल का कारण एंग्जायटी पाया जाता है, तो केवल महंगे तेल, शैम्पू या हेयर सप्लीमेंट काम नहीं आएंगे। इसके साथ ही तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है:
- लाइफस्टाइल में बदलाव:- रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और संतुलित व पोषक आहार लें।
- रिलैक्सेशन थेरेपी:- मेडिटेशन, योग, प्राणायाम और वॉक को अपनी daily routine में शामिल करें।
- विशेषज्ञ की राय:- यदि एंग्जायटी ज्यादा बढ़ रही है, तो बिना झिझक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ (काउंसलर) से परामर्श लें।
