सिंगरौली। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने ग्राम पंचायत जरहा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ‘सिंहदेव महिला किसान उत्पादक कंपनी’ द्वारा संचालित कोदो-कुटकी प्रसंस्करण यूनिट का निरीक्षण कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।
कमिश्नर ने यूनिट में स्थापित आधुनिक मशीनों के माध्यम से श्री अन्न (मोटे अनाज) के प्रसंस्करण की प्रक्रिया को देखा और कहा कि पारंपरिक फसलों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके मूल्य में वृद्धि की जा रही है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता सुधर रही है और बाजार में उनकी मांग भी बढ़ रही है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला किसान सदस्यों और स्वसहायता समूह की दीदियों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसी इकाइयां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने महिलाओं को बताया कि कोदो-कुटकी का बाजार मूल्य धान और गेहूं से अधिक है, इसलिए इनके उत्पादन, प्रोसेसिंग और विपणन से किसानों को बेहतर लाभ मिल सकता है। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार कोदो-कुटकी को बड़े बाजारों में उचित दाम मिल सके। साथ ही श्री अन्न फसलों की गिरदावली कर रकबों को चिन्हित करने और अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में नई प्रेरणा पैदा कर रहे हैं। इस अवसर पर कलेक्टर गौरव बैनल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे, सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
