सिंगरौली। SAFE CLICK-2026 अभियान 2.0 के चौथे दिन जिलेभर में “महिला एवं बाल सुरक्षा दिवस” मनाया गया। पुलिस ने स्कूलों, महिला स्व-सहायता समूहों, औद्योगिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया।
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में चलाए जा रहे “SAFE CLICK-2026” साइबर जागरूकता अभियान 2.0 के चौथे दिन जिलेभर में “महिला एवं बाल सुरक्षा दिवस” के रूप में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्कूलों, महिला स्व-सहायता समूहों, औद्योगिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान साइबर बुलिंग, मॉर्फिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन शोषण, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के उपाय विस्तार से बताए गए। थाना विंध्यनगर, मोरवा, गढ़वा, लंघाडोल, नवानगर और माड़ा पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं, महिलाओं, कर्मचारियों और आमजन को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अपनाने और व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखने की सलाह दी। सिंगरौली पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंक खाते की जानकारी साझा न करें। यदि कोई साइबर ठगी या संदिग्ध कॉल प्राप्त हो तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि “जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है”, और इसी उद्देश्य से जिलेभर में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
