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मसूड़ों की बीमारी बना सकती है जल्दी बूढ़ा! एक्सपर्ट्स ने बताया सेहत पर बड़ा असर

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By: सूरज कुमार

On: Tuesday, May 12, 2026 8:49 AM

नेशनल डेस्क। दांतों और मसूड़ों की अनदेखी सिर्फ मुंह की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शरीर की सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों और हालिया रिसर्च के अनुसार खराब मसूड़े शरीर में सूजन बढ़ाकर दिल, दिमाग और इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक मसूड़ों की बीमारी रहने से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।

दांतों और मसूड़ों की सेहत को अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत शरीर की पूरी सेहत पर भारी पड़ सकती है। हालिया रिसर्च और डॉक्टरों की राय के अनुसार, मसूड़ों की बीमारी सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह शरीर में सूजन बढ़ाकर दिल, दिमाग और इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित कर सकती है।

मसूड़ों की बीमारी से बढ़ती है शरीर में सूजन-

दंत विशेषज्ञों के मुताबिक मुंह शरीर का एक अहम हिस्सा है और यहां मौजूद बैक्टीरिया पूरे शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मसूड़ों में संक्रमण बढ़ने पर शरीर का इम्यून सिस्टम लगातार सक्रिय रहता है, जिससे क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक रहने वाली सूजन की स्थिति बन जाती है। यही सूजन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।

दिल और दिमाग पर भी पड़ सकता है असर-

विशेषज्ञों के अनुसार मसूड़ों की बीमारी का असर सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं रहता। इससे ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंच सकता है, जो दिल की बीमारी, कमजोर इम्यूनिटी और याददाश्त से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।

इम्यून सिस्टम पर बढ़ता है दबाव-

लगातार संक्रमण रहने से शरीर का इम्यून सिस्टम हर समय एक्टिव रहता है। डॉक्टरों का मानना है कि इससे शरीर की मरम्मत करने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है और व्यक्ति जल्दी थकान व कमजोरी महसूस कर सकता है।

फ्लॉसिंग और सफाई से मिल सकता है फायदा-

विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना ब्रश करने के साथ फ्लॉसिंग की आदत मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है। इससे दांतों के बीच फंसी गंदगी और बैक्टीरिया साफ होते हैं, जिससे सूजन और संक्रमण का खतरा कम होता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज-

डॉक्टरों के मुताबिक अगर मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना, दांतों में संवेदनशीलता, दांत हिलना या चबाने में परेशानी जैसी दिक्कतें हों तो तुरंत डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए।

नियमित डेंटल चेकअप है जरूरी-

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 6 महीने में एक बार डेंटल चेकअप जरूर कराना चाहिए। सही समय पर इलाज और देखभाल से न सिर्फ दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं, बल्कि शरीर की overall health भी बेहतर बनी रहती है।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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