मथुरा। रक्षाबंधन और भाई दूज जैसे पर्व भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते के प्रतीक माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जिसे भाई-बहन का मंदिर कहा जाता है। विश्राम घाट के पास स्थित श्री यमुना धर्मराज मंदिर में यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा की जाती है।
मथुरा स्थित विश्राम घाट के पास श्री यमुना धर्मराज मंदिर भाई-बहन के अनोखे मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है। यहां यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा की जाती है। रक्षाबंधन और भाई दूज के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यमराज और यमुना सूर्य देव की संतान हैं। कहा जाता है कि यमुना ने अपने भाई यमराज से वरदान मांगा था कि जो भाई-बहन यमुना में स्नान कर मंदिर में दर्शन करेंगे, उन्हें यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। इसी मान्यता के चलते भाई दूज पर देशभर से लोग यहां पहुंचते हैं। मंदिर में यमुना जी की चतुर्भुज प्रतिमा और यमराज की आशीर्वाद मुद्रा वाली प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद इसी स्थान पर विश्राम किया था, जिसके कारण इसे विश्राम घाट कहा जाता है। मंदिर सुबह 5 बजे खुलता है और दोपहर में बंद होने के बाद शाम 4 बजे दोबारा खुलता है। धार्मिक मान्यताओं और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते से जुड़े होने के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।
