सिंगरौली। जिले में मत्स्य उत्पादन और मछुआ समितियों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में मछुआ कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर गौरव बैनल ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मछुआ कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, मछुआ समितियों की आय में वृद्धि तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योत्पादन नीति, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना एवं मत्स्य संपदा योजना (धरती आबा) के तहत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लाभान्वित किया जाए। उन्होंने मछुआ समितियों को केसीसी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य एवं वित्त विभाग को समन्वय बनाकर आवश्यक क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में तालाबों के गहरीकरण, मरम्मत, अतिक्रमण हटाने तथा अनुपयोगी तालाबों के सर्वेक्षण पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए जलाशयों के जल की गुणवत्ता जांच कराने तथा मत्स्य पालन के लिए पट्टों की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। समिति सदस्यों द्वारा मछली बीज की उपलब्धता संबंधी समस्या उठाए जाने पर कलेक्टर ने बताया कि जिले में सीएसआर मद से कृषि विज्ञान केंद्र में 17 लाख रुपये की लागत से हैचरी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर मछली बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से निजी भूमि पर बायोपॉन्ड निर्माण और तालाबों में उगने वाले अनावश्यक पौधों की सफाई हेतु मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को अन्य राज्यों में स्टडी टूर पर भेजकर आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी दिलाई जाएगी।
