चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में ऑनलाइन गेमिंग की लत और लाखों रुपये के कर्ज में डूबे एक युवक द्वारा अपनी ही गुमशुदगी और हत्या की झूठी साजिश रचने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवक ने कर्जदाताओं से बचने के लिए यह पूरी पटकथा तैयार की थी।
जिले में एक युवक द्वारा ऑनलाइन गेमिंग के कारण हुए लाखों रुपये के कर्ज से बचने के लिए अपनी ही गुमशुदगी और हत्या की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में इस सनसनीखेज साजिश का खुलासा होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, डांड पंचायत निवासी 22 वर्षीय तौफीक पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। कर्जदाताओं से पीछा छुड़ाने के लिए उसने खुद के लापता होने की योजना बनाई, जिसमें उसके बड़े भाई शहजाद ने भी सहयोग किया। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि तौफीक शुक्रवार रात करीब 10 लाख रुपये नकद लेकर मुर्गों की खरीदारी के लिए पठानकोट गया था और उसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद है। जांच के दौरान चमेरा जलाशय के किनारे उसकी एक चप्पल और वाहन का टायर मिलने से हत्या की आशंका जताई गई थी। परिजनों ने दावा किया था कि किसी ने उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि तौफीक को उसके भाई ने खुद चंबा से बाहर जाने वाली बस में बैठाया था। इसके बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि युवक को उसके परिजन बुधवार को पुलिस चौकी बनीखेत लेकर पहुंचे, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
