नेशनल डेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज ने पीरियड्स को लेकर समाज में फैली झिझक और गलत धारणाओं पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए इस विषय पर बिना किसी शर्म और संकोच के खुलकर बात होनी चाहिए।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज ने पीरियड्स यानी मासिक धर्म को लेकर समाज में फैली झिझक और गलत धारणाओं पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए इस पर बात करते समय किसी भी तरह का संकोच नहीं होना चाहिए। मुंबई में आयोजित एक मासिक धर्म जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुईं स्मृति मंधाना ने कहा कि आज भी गांवों और छोटे शहरों में पीरियड्स जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं होती। लोग इसे छुपाने की कोशिश करते हैं, जबकि जागरूकता और खुली बातचीत ही इस विषय से जुड़ी झिझक और गलत धारणाओं को खत्म कर सकती है। उन्होंने कहा, “गांवों में पीरियड्स के बारे में बातचीत आज भी दबी जुबान में होती है। इसे छुपाया जाता है, जबकि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। इस पर बिना झिझक के चर्चा होनी चाहिए।” स्मृति मंधाना ने कहा कि वह अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेंगी ताकि गांव-गांव तक पीरियड्स और महिलाओं की स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैले। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में बदलाव लाने के लिए बेहद जरूरी हैं। इस दौरान स्मृति मंधाना क्रिकेट खेलने वाली स्कूली छात्राओं से भी मिलीं। उन्होंने छात्राओं को खेल को गंभीरता से लेने, मेहनत करने और खेल का आनंद उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में बेहतर करियर बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लगातार मेहनत और समर्पण जरूरी है।
