नेशनल डेस्क। देशभर में पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई जगह ग्राहकों को कम तेल दिया जाता है, जबकि मीटर पूरा दिखाया जाता है। वहीं कुछ मामलों में ईंधन में मिलावट कर वाहन चालकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गाड़ी से असामान्य धुआं निकलने लगे या इंजन की आवाज बदल जाए, तो यह मिलावटी ईंधन का संकेत हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है। धोखाधड़ी से बचने के लिए ग्राहकों को पेट्रोल भरवाते समय मीटर ‘0’ से शुरू होने की पुष्टि करनी चाहिए और हर बार बिल जरूर लेना चाहिए। किसी भी संदेह की स्थिति में 5 लीटर माप या फिल्टर पेपर टेस्ट की मांग की जा सकती है।
देशभर में पेट्रोल-डीजल भरवाते समय ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं। कहीं मशीन में छेड़छाड़ कर कम तेल दिया जाता है, तो कहीं ईंधन में मिलावट कर दी जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप सतर्क रहें और अपने अधिकारों को जानें।
कैसे होता है धोखा?-
पेट्रोल पंप पर कई तरीकों से गड़बड़ी की जाती है। कुछ जगह मीटर पूरा दिखता है, लेकिन तेल कम दिया जाता है। वहीं, कई बार ईंधन में मिलावट की जाती है, जिससे गाड़ी के इंजन पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर गाड़ी से ज्यादा धुआं निकलने लगे या आवाज बदल जाए, तो यह संकेत हो सकता है कि ईंधन शुद्ध नहीं है।
तेल भरवाते समय रखें ये सावधानियां-
- हमेशा जांच लें कि मीटर ‘0’ से शुरू हो रहा है
- पेट्रोल/डीजल भरवाने के बाद बिल जरूर लें
- शक होने पर 5 लीटर माप या फिल्टर पेपर टेस्ट की मांग करें
शिकायत कैसे करें?-
अगर आपको धोखाधड़ी का संदेह हो, तो तुरंत कार्रवाई करें—
- सबसे पहले पेट्रोल पंप के शिकायत रजिस्टर में अपनी शिकायत दर्ज करें
- संबंधित तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से संपर्क करें
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करें या NCH/UMANG ऐप के जरिए शिकायत करें
- ऑनलाइन पोर्टल CPGRAMS और MoPNG e-Seva पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है
शिकायत करते समय दें ये जानकारी-
- पेट्रोल पंप का नाम और पता
- घटना की तारीख और समय
- वाहन नंबर
- बिल और भरे गए ईंधन की मात्रा
सोशल मीडिया भी बना हथियार-
आजकल सोशल मीडिया पर कंपनी को टैग कर शिकायत करने से भी जल्दी कार्रवाई होती है। ध्यान रखें, हर उपभोक्ता का अधिकार है कि उसे सही मात्रा और शुद्ध ईंधन मिले। यदि कहीं गड़बड़ी हो, तो चुप न रहें—तुरंत शिकायत करें।
