सिंगरौली। जिले के चितरंगी विकासखंड स्थित सामुदायिक भवन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य चल रहे विशेष जनकल्याणकारी अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
जिले के चितरंगी विकासखंड के सामुदायिक भवन में ‘प्राकृतिक खेती’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बीच चल रहे जनकल्याणकारी योजनाओं के विशेष अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों और उसकी उपयोगिता की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने की। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी संरक्षित रखती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया, जिससे खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सके। कार्यशाला में भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर लाल शाह सहित कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और भूमि की सेहत भी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जय सिंह, डॉ. अखिलेश सिंह, कृषि उप संचालक मनोज सिंह, सहायक संचालक डॉ. लवकुश सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी वीरेंद्र पाठक एवं प्रमेन्द्रधर द्विवेदी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चितरंगी विकासखंड के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती को अपनाने के प्रति उत्साह दिखाया। किसानों ने विशेषज्ञों से खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
