बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र में कथित पुलिस पिटाई से हुई कामजी गोंड की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। रेवती थाने के प्रभारी राज केशर सिंह को कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। इससे पहले मामले में नामजद उपनिरीक्षक सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह को निलंबित किया जा चुका है।
रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में कथित पुलिस पिटाई से हुई कामजी गोंड की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रेवती थाना प्रभारी राज केशर सिंह को कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमाने आचरण के आरोप में पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इससे पहले आरोपी उपनिरीक्षक सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह को निलंबित किया जा चुका है। मामले में उपनिरीक्षक, कांस्टेबल, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, सूरज कन्नौजिया, उसके एक रिश्तेदार और प्रधान के चालक समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को मांस की दुकान पर हुए विवाद के बाद 8 जुलाई को पुलिस विशाल गोंड के घर पहुंची और उसके पिता कामजी गोंड को थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस और अन्य आरोपियों ने कामजी के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान 10 जुलाई की रात वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच पुलिस लाइन के पुलिस उपाधीक्षक को सौंप दी है। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए जिलाधिकारी से भी अनुरोध किया गया है। मामले की जांच जारी है।
