अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में आस्था और आधुनिक खेती का अनोखा संगम देखने को मिला, जब स्थानीय किसान ने अपने बाग में उगाए दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाज़ाकी आम का पहला फल रामलला को अर्पित किया। इस विशेष भेंट को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है। किसान ओमप्रकाश सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर मियाज़ाकी आम का पहला पका फल रामलला को भोग स्वरूप अर्पित किया। उन्होंने आम के साथ तुलसी दल भी चढ़ाया और इसे अपनी श्रद्धा का प्रतीक बताया।
श्रीराम जन्मभूमि में मंगलवार को आस्था और कृषि का अनूठा संगम देखने को मिला, जब अयोध्या के किसान Omprakash Singh ने अपने बाग में उगाए जापान के दुर्लभ मियाज़ाकी आम का पहला फल भगवान Ramlalla को अर्पित किया। किसान ने आम के साथ तुलसी दल भी भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बताया गया कि किसान ने करीब दो वर्ष पहले जापान की प्रसिद्ध मियाज़ाकी किस्म का पौधा अपने बाग में लगाया था। इस वर्ष पेड़ पर लगभग एक दर्जन फल आए हैं, जिनका वजन 150 से 300 ग्राम के बीच है। अयोध्या की जलवायु में इस विदेशी किस्म की सफल खेती को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मियाज़ाकी आम, जिसे ‘एग ऑफ द सन’ के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है, जबकि एक फल की कीमत 80 हजार से 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। अपनी खास मिठास, आकर्षक रंग और पोषक तत्वों के कारण यह आम दुनियाभर में बेहद लोकप्रिय है। रामलला को इस दुर्लभ फल का अर्पण किए जाने की घटना अब चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे आधुनिक कृषि तकनीक और धार्मिक आस्था के सुंदर संगम के रूप में देख रहे हैं। किसान ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि रामलला को पहला फल समर्पित करना उनके लिए सौभाग्य और श्रद्धा का विषय है।
