नेशनल डेस्क। चीन में आयोजित एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ओलंपिक पदक विजेता विघ्नेश ने रविवार को रेसलिंग में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। चोट के बावजूद उन्होंने पुरुषों के 190 किलोग्राम वर्ग में अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर देश को गोल्ड दिलाया। इससे पहले भी वह इस स्पर्धा में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। पुरुषों के 31 वर्षीय विघ्नेश ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में पहला स्थान हासिल करते हुए कुल 295 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण अपने नाम किया। वहीं, मणिपुर के 28 वर्षीय भारोत्तोलक ने 121 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला।
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। ओलंपिक पदक विजेता विघ्नेश ने पुरुषों की भारोत्तोलन स्पर्धा में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। चोट से जूझने के बावजूद उन्होंने 190 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को स्वर्ण पदक दिलाया और इस स्पर्धा में अपनी बादशाहत कायम रखी। विघ्नेश ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों वर्गों में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए कुल 295 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता के दौरान चोट लगने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वह लगातार तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए। भारतीय दल को एक और सफलता मणिपुर के युवा खिलाड़ी से मिली, जिन्होंने 121 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। वहीं, महिलाओं की 4×100 मीटर रिले टीम ने भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए फाइनल में जगह सुनिश्चित कर ली। भारतीय चौकड़ी ने 39.48 सेकेंड का समय निकालकर शानदार प्रदर्शन किया और पदक की उम्मीदों को मजबूत किया। भारतीय खिलाड़ियों के इस दमदार प्रदर्शन से एशियाई खेलों में देश के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आने वाले मुकाबलों में भी कई पदकों की उम्मीद जताई जा रही है।
