नेशनल डेस्क। कई लोग रोजाना नियमित रूप से ब्रश करते हैं, फिर भी दांतों में कैविटी यानी सड़न और कीड़ा लगने की समस्या से परेशान रहते हैं। दंत विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ ब्रश करना ही दांतों को स्वस्थ रखने के लिए काफी नहीं है। गलत खान-पान, मुंह की अधूरी सफाई और बैक्टीरिया की वजह से कैविटी की समस्या लगातार बढ़ रही है।
दांतों की सफाई के लिए रोजाना ब्रश करने के बावजूद अगर कैविटी की समस्या हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। दंत विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही तरीके से सफाई और खान-पान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि कैविटी तब होती है जब दांतों पर बैक्टीरिया जमा होकर सड़न पैदा करने लगते हैं। ज्यादा मीठा और चिपचिपा भोजन खाने से मुंह में एसिड बनता है, जो दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाता है। यही धीरे-धीरे कैविटी का रूप ले लेता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई लोग नियमित ब्रश तो करते हैं लेकिन सही तरीके से नहीं। जल्दी-जल्दी ब्रश करने या दांतों के बीच की सफाई न होने से खाने के कण फंसे रह जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। फ्लॉस का इस्तेमाल न करना भी इसका एक बड़ा कारण माना जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि दिनभर बार-बार स्नैकिंग करने की आदत भी दांतों को नुकसान पहुंचाती है। लगातार कुछ खाते रहने से मुंह में एसिड बनता रहता है और दांतों का एनामेल कमजोर होने लगता है। वहीं, फ्लोराइड की कमी भी दांतों में सड़न का खतरा बढ़ा देती है। कैविटी के शुरुआती लक्षणों में दांतों में दर्द, ठंडा-गरम लगना, दांतों पर काले या भूरे दाग और खाना चबाने में परेशानी शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज न कराने से संक्रमण बढ़ सकता है और दांत टूटने तक की स्थिति बन सकती है। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करने, रोज फ्लॉस इस्तेमाल करने, मीठा कम खाने और खाने के बाद कुल्ला करने की सलाह देते हैं।
