उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ा फैसला लेते हुए 10 नई जातियों को प्राथमिकता श्रेणी में शामिल कर लिया है। इस निर्णय से भोंटिया, जौनसारी, राजी, गोंड, खरवार, परहिया, पंखा, अगरिया, पटारी और भुइंया समुदाय के पात्र परिवारों को अब पक्के मकान का लाभ मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण गरीबों को पक्के मकान का सपना साकार करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्राथमिकता सूची का दायरा बढ़ाते हुए 10 वंचित जातियों को इसमें शामिल किया गया है, जिससे लंबे समय से योजना से बाहर रहे परिवारों को राहत मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के भ्रमण के दौरान यह बात सामने आई कि भोंटिया, जौनसारी, राजी, गोंड, खरवार, परहिया, पंखा, अगरिया, पटारी और भुइंया समुदाय के कई पात्र परिवार अब तक योजना के लाभ से वंचित थे। उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
सरकार द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इन जातियों को प्राथमिकता श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इसका सीधा लाभ महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिलों में रहने वाले परिवारों को मिलेगा। इस फैसले से अब इन समुदायों के पात्र लोगों को जल्द ही पक्के मकान उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे और सभी को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
