चांदनी बिहारपुर। शासकीय नवीन महाविद्यालय, चांदनी बिहारपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्त्वावधान में डेंगू बीमारी के बढ़ते प्रकोप को रोकने और इसके बचाव व समाधान हेतु एक दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के NSS कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ।
क्षेत्र में तेजी से पैर पसार रहे डेंगू के प्रकोप और इससे हुई मौतों के बाद शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहारपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई हरकत में आ गई है। महाविद्यालय परिसर में NSS के बैनर तले डेंगू मच्छर के डंक से बचाव, रोकथाम और इसके समाधान को लेकर एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार जायसवाल ने स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डेंगू से बचाव का सबसे असरदार तरीका मच्छरों की उत्पत्ति पर रोक लगाना है। अभियान के तहत NSS के छात्र-छात्राओं को चांदनी बिहार क्षेत्र के विभिन्न टोलों और मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
छात्र-छात्राओं की टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे:-
- जलजमाव पर रोक:- आसपास जहां भी पानी जमा हो, उसे तत्काल साफ करवाएं या सुखाएं।
- स्वच्छता अभियान:- नालियों, गड्डों और जमा कचरे की सफाई के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करें।
- कूलर व बर्तन की सफाई:- कूलर, पुराने टायर, गमले और पक्षियों के पानी के बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से बदलने और सुखाने की सलाह दें।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों को डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण उपाय बताए गए:-
- पूरे तन के कपड़े पहनें: मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी या मच्छर रोधक (Repellent) का इस्तेमाल करें।
- गहरे/रुके पानी में तेल का छिड़काव: जहां पानी का निकास संभव न हो, वहां केरोसिन या जला हुआ तेल डालें ताकि मच्छरों के लावे नष्ट हो सकें।
- तत्काल डॉक्टरी परामर्श: तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर चकत्ते दिखने पर झाड़-फूंक या स्व-चिकित्सा (Self-medication) के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
