सिंगरौली। जिले के बहुचर्चित आत्महत्या प्रकरण में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मामले को नया कानूनी मोड़ दे दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सिंगरौली ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया, जबकि दो अन्य के खिलाफ मामला सत्र न्यायालय भेज दिया गया है।
जिले के चर्चित आत्महत्या मामले में अदालत ने अहम निर्णय सुनाते हुए केस को नया मोड़ दे दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सिंगरौली ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है, जबकि दो अन्य के खिलाफ सत्र न्यायालय में ट्रायल चलाने का आदेश दिया गया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस चार्जशीट के आधार पर रजनी गुप्ता और राकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 और भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता पाया। इसके बाद प्रकरण को आगे की सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय सिंगरौली को सौंप दिया गया है। वहीं, मीरा मिश्रा और रावेन्द्र कुमार पाण्डेय को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर कार्यवाही समाप्त कर दी, जिससे वे पूरी तरह दोषमुक्त हो गए। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के 8 अप्रैल 2026 के आदेश के पालन में की गई। कोर्ट ने जमानत पर चल रहे दोनों आरोपियों को 5 मई 2026 को सत्र न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य भी सत्र न्यायालय भेजने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह मामला वैढ़न थाना सिंगरौली में अपराध क्रमांक 34/2025 के तहत दर्ज हुआ था। पुलिस जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई थी। कानूनी जानकारों के अनुसार, धारा 306 के तहत दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है। अब सत्र न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
