सिंगरौली। जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एसडीओ वन मंडल एन.के. त्रिपाठी ने बताया कि 12 मई 2026 से जिले में संग्रहण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। वन मंडल सिंगरौली को इस वर्ष 1,77,070 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले की 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के अंतर्गत लगभग 910 संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं, जहां उच्च गुणवत्ता वाले पत्तों का संग्रहण किया जाएगा।
जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग के अनुसार 12 मई से संग्रहण कार्य शुरू होगा, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिलेगा। एसडीओ वन मंडल एन.के. त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष सिंगरौली जिले को 1,77,070 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के अंतर्गत करीब 910 संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। संग्रहण कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हाल ही में वन मंडल कार्यालय में अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 12 मई से कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इस वर्ष शासन द्वारा तेन्दूपत्ता की दर 400 रुपये प्रति सैकड़ा निर्धारित की गई है। साथ ही गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संग्राहकों को निर्देश दिए गए हैं कि पत्तों की गड्डी पूरी तरह बीड़ी निर्माण योग्य हो और उसमें कटे-फटे या खराब पत्ते न हों। वन विभाग के अनुसार जिले में लगभग 1,38,670 पंजीकृत संग्राहक हैं, जिससे करीब 2,82,979 लोगों को सीधे रोजगार और आय का लाभ मिलेगा। विभाग ने सभी संग्राहकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक मानक गुणवत्ता वाले पत्तों का संग्रहण कर योजना का लाभ उठाएं।
