सिंगरौली। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक 16 वर्षीय किशोरी की शादी रुकवा दी। जानकारी के अनुसार ग्राम कंजी निवासी एक व्यक्ति अपनी अवयस्क बेटी का विवाह 19 जून को कराने की तैयारी कर रहा था।
जिले में बाल विवाह के खिलाफ सिंगरौली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त कार्रवाई से एक अवयस्क किशोरी का विवाह रुकवा दिया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम कंजी निवासी एक व्यक्ति अपनी लगभग 16 वर्षीय बेटी की शादी 19 जून को कर्थुआ निवासी युवक से कराने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देश पर महिला थाना प्रभारी आराधना सिंह ने मामले की जांच शुरू की। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री जीतेंद्र गुप्ता को भी अवगत कराया गया। इसके बाद सीडीपीओ बिंदु उइके एवं उनकी टीम ने 18 जून को गांव पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी। इसके बावजूद विवाह की तैयारियां जारी रहने की जानकारी मिलने पर 19 जून को पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। जांच के दौरान किशोरी की कक्षा 9वीं की अंकसूची में जन्मतिथि 16 अगस्त 2012 दर्ज पाई गई, जिससे उसकी उम्र बालिग होने से कम साबित हुई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। इसके बाद अवयस्क बालिका और उसकी मां को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस एवं प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने अवयस्क बच्चों का विवाह न करें, उन्हें शिक्षा के अवसर प्रदान करें और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करें। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को सफल बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है।
