सिंगरौली। सिविल कोर्ट सिंगरौली परिसर में एक अधिवक्ता द्वारा पक्षकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जिले के सिविल कोर्ट परिसर में एक अधिवक्ता द्वारा पक्षकार के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आने के बाद न्याय व्यवस्था की सुरक्षा और गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट जैसे संवेदनशील और सम्मानित स्थान पर हुई इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान पक्षकार के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि यदि न्याय के मंदिर में ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तो वह न्याय की उम्मीद आखिर किससे करेगा। लोगों का कहना है कि “कानून के रखवाले अगर खुद कानून हाथ में लेने लगें, तो यह व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।” घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें सिंगरौली पुलिस और जिला बार एसोसिएशन सिंगरौली पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे? क्या बार एसोसिएशन आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा? साथ ही, क्या अधिवक्ता का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी? न्यायालय परिसर में इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि आम नागरिक के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को भी कमजोर करती हैं। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
