सिंगरौली। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान द्वारा सिर मुंडवाकर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा किए जाने के बाद यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, जबकि कुछ ने इसके पीछे पारिवारिक शोक समेत अन्य कारणों के कयास लगाए।
नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान के सिर मुंडवाने और बिना बालों वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, तो कुछ ने इसे पारिवारिक शोक से जोड़कर देखा। बढ़ती चर्चाओं के बीच सविता प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके सिर मुंडवाने का किसी दुख, निराशा या पारिवारिक शोक से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में सब कुशल-मंगल है और यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है, जिससे उन्हें मानसिक संतुष्टि मिली। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि महिलाओं की सुंदरता को केवल लंबे बालों और आभूषणों से जोड़कर देखना समाज की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, वास्तविक सुंदरता आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और विचारों में होती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि पुरुषों का गंजा होना सामान्य माना जाता है, तो बिना बालों वाली महिला को देखकर लोग असहज क्यों हो जाते हैं। सविता प्रधान ने लोगों से बाहरी रूप-रंग के बजाय व्यक्ति की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को महत्व देने की अपील की। उनके इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर महिला स्वतंत्रता, सामाजिक सोच और सुंदरता की पारंपरिक परिभाषा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
