सिंगरौली। कलेक्टर गौरव बैनल ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर गौरव बैनल ने सभी विभागों के अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनशिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने सभी हल्का पटवारियों को पटवारी दिवस पर अपने-अपने क्षेत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और किसानों व आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं स्थानांतरण के बाद भी एनटीपीसी के आवासों में रह रहे अधिकारी-कर्मचारियों की दो दिवस के भीतर सूची प्रस्तुत करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने विभागवार वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण समय-सीमा में पूरा करने, सभी विद्यालयों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा स्कूल से बाहर बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग को सीमांकन, बंटवारा, नक्शा तरमीम, फार्मर रजिस्ट्री एवं भूमि आवंटन से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 50 और 100 दिनों से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्षा ऋतु को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवा उपलब्ध कराने तथा कृषि विभाग को किसानों को निर्धारित दर पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान बलिया नाला में प्रवाहित दूषित जल की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी पर नाराजगी जताई और तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से जनहित के कार्यों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
