सिंगरौली। कलेक्टर गौरव बैनल ने समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जनहित से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों, विकास योजनाओं एवं जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मॉडल रोड निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए नगर निगम आयुक्त को निर्माण कार्य में तेजी लाने, सड़क किनारे पड़े मलबे को तत्काल हटाने तथा नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाने को भी कहा। वनाधिकार संबंधी दावों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी एसडीएम को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के तहत ग्राम स्तरीय समितियों के माध्यम से दावे प्रस्तुत कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रवेश उत्सव के दूसरे चरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विद्यालयों के लिए नियुक्त अधिकारियों को अपने आवंटित स्कूलों का भ्रमण कर निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। वहीं ट्रॉमा सेंटर में ब्लड बैंक स्थापना के लिए सीएमएचओ एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को आवश्यक एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने को कहा।
बैठक में वृहद पौधरोपण अभियान को लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में पौधरोपण स्थल चिन्हित कर लक्ष्य निर्धारित करने तथा वन विभाग को पर्याप्त पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को डॉग स्टरलाइजेशन सेंटर को निर्धारित एसओपी के अनुसार संचालित करने और प्रभावित लोगों का अनिवार्य रूप से वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को कहा। बीपीसीएल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कनेक्टिविटी की टेस्टिंग की जाए। साथ ही जनजागरूकता के लिए आईईसी गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए 50 और 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
