नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई। सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला लिया।
सद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगली सूचना तक बंद रखने की घोषणा की। बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च को देखते हुए संसद परिसर और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और रैपिड रिस्पांस टीमों को भी तैनात किया है। दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू रहने की जानकारी देते हुए चेतावनी दी गई कि बिना अनुमति प्रदर्शन, जुलूस या पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह विरोध प्रदर्शन जून में शुरू हुए NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद से जुड़ा है। आंदोलन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई चूक की जिम्मेदारी स्वीकार करे या संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का भरोसा दिया जाए, तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार करेंगे।
