नेशनल डेस्क। गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का असर केवल त्वचा ही नहीं बल्कि आंखों पर भी पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों की सेहत प्रभावित हो सकती है और इससे Cataract यानी मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है।
गर्मियों में तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का असर केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आंखों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिनमें मोतियाबिंद का खतरा भी शामिल है। मोतियाबिंद यानी Cataract एक ऐसी आंखों की बीमारी है, जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आ जाता है। इसके कारण व्यक्ति को साफ दिखाई देना कम हो जाता है और धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ देखने को मिलती है, खासकर 50 वर्ष के बाद।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार Ultraviolet Radiation के संपर्क में रहने से आंखों के लेंस पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। UV किरणें धीरे-धीरे लेंस को प्रभावित करती हैं, जिससे मोतियाबिंद बनने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि धूप मोतियाबिंद का अकेला कारण नहीं है, लेकिन यह जोखिम जरूर बढ़ाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा धूप में रहने से आंखों में ड्राइनेस, एलर्जी, जलन, संक्रमण और Conjunctivitis जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। लंबे समय तक लापरवाही बरतने पर आंखों की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर गर्मियों में आंखों की सुरक्षा के लिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनने, दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आंखों में धुंधलापन, दर्द, जलन या लगातार सूखापन महसूस हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। सही सावधानियां अपनाकर आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
