सिंगरौली। जिले के तियरा ग्राम पंचायत स्थित गर्रा सिंचाई जलाशय को पर्यटन और मत्स्य उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। कलेक्टर गौरव बैनल की पहल पर मछुआ सहकारिता समिति द्वारा तैयार किए गए ‘तियरा जल विहार एवं मत्स्य पालन परियोजना’ का निरीक्षण किया गया, जिसमें पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों की संभावनाएं दिखाई दीं।
जिले के तियरा ग्राम पंचायत स्थित गर्रा सिंचाई जलाशय को जल्द ही पर्यटन और मत्स्य उत्पादन के मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। कलेक्टर गौरव बैनल ने एनसीएल के जीएम सीएसआर राजीव रंजन के साथ जलाशय का निरीक्षण कर प्रस्तावित ‘तियरा जल विहार एवं मत्स्य पालन परियोजना’ का जायजा लिया। कलेक्टर ने आदिवासी मछुआ सहकारिता समिति द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए इसे पर्यटन और मछली उत्पादन का बेहतरीन संगम बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन से समिति के सदस्यों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के तहत आधुनिक केज कल्चर तकनीक से मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बतख पालन को भी शामिल किया जाएगा। वहीं पर्यटन को आकर्षक बनाने के लिए रिक्रिएशनल थीम आधारित पाथ-वे, बैठने की व्यवस्था, बोटिंग सुविधाएं और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी गतिविधियां विकसित की जाएंगी। परियोजना का मुख्य आकर्षण जलाशय के बीच स्थित दो टापू होंगे, जहां वॉच टॉवर और पर्यटकों के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके अलावा तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। कलेक्टर गौरव बैनल ने समिति को आश्वस्त किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सीएसआर के माध्यम से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नौका विहार कर जलाशय की संभावनाओं का भी अवलोकन किया।
