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उम्र बढ़ने के बाद भी नहीं दिख रहे प्यूबर्टी के लक्षण? जानिए Delayed Puberty के संकेत और कारण

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By: सूरज कुमार

On: Wednesday, May 20, 2026 10:06 AM

Delayed Puberty: किशोरावस्था यानी प्यूबर्टी वह समय होता है जब बच्चों का शरीर धीरे-धीरे वयस्क रूप लेने लगता है। इस दौरान शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव दिखाई देते हैं। आमतौर पर लड़कियों में यह प्रक्रिया 8 से 14 साल और लड़कों में 9 से 15 साल की उम्र के बीच शुरू हो जाती है। लेकिन कई बार उम्र बढ़ने के बाद भी शरीर में प्यूबर्टी के संकेत दिखाई नहीं देते। इस स्थिति को “Delayed Puberty” यानी देर से किशोरावस्था कहा जाता है।

किशोरावस्था यानी प्यूबर्टी वह समय होता है जब बच्चे का शरीर धीरे-धीरे वयस्क रूप लेने लगता है। इस दौरान शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। आमतौर पर लड़कियों में यह प्रक्रिया 8 से 14 साल और लड़कों में 9 से 15 साल की उम्र के बीच शुरू हो जाती है। लेकिन कई बार बच्चे इस उम्र को पार कर जाते हैं और शरीर में प्यूबर्टी के कोई संकेत दिखाई नहीं देते। ऐसी स्थिति को “Delayed Puberty” यानी देर से किशोरावस्था कहा जाता है।

लड़कियों में प्यूबर्टी के सामान्य लक्षण-
  • ब्रेस्ट का विकास शुरू होना
  • प्यूबिक हेयर आना
  • तेजी से लंबाई बढ़ना
  • पीरियड्स शुरू होना
  • शरीर का कर्वी होना और हिप्स चौड़े होना
लड़कों में प्यूबर्टी के सामान्य लक्षण-
  • प्यूबिक और चेहरे के बाल बढ़ना
  • तेजी से ग्रोथ होना
  • टेस्टिकल्स और पेनिस का आकार बढ़ना
  • कंधों का चौड़ा और शरीर का मस्कुलर होना
कब माना जाता है Delayed Puberty?- लड़कों में यदि 14 साल की उम्र तक टेस्टिकल्स और पेनिस का विकास शुरू नहीं होता या विकास में बहुत अधिक समय लगता है, तो यह देरी का संकेत हो सकता है। लड़कियों में 14 साल तक ब्रेस्ट डेवलप न होना या 16 साल की उम्र तक पीरियड्स शुरू न होना Delayed Puberty के लक्षण माने जाते हैं।
प्यूबर्टी में देरी के कारण-  विशेषज्ञों के अनुसार कई बार यह पारिवारिक पैटर्न भी हो सकता है, जिसे “लेट ब्लूमर” कहा जाता है। ऐसे बच्चों में विकास सामान्य होता है, लेकिन दूसरों की तुलना में थोड़ा देर से। इसके अलावा डायबिटीज, किडनी रोग, अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी पुरानी बीमारियां भी प्यूबर्टी में देरी का कारण बन सकती हैं। कुपोषण, पर्याप्त पोषण की कमी और ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याएं भी शरीर के विकास को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि खेलों में अत्यधिक सक्रिय और बहुत दुबली लड़कियों में भी प्यूबर्टी देर से शुरू हो सकती है, क्योंकि शरीर में पर्याप्त फैट होना जरूरी होता है। हार्मोन बनाने वाली पिट्यूटरी और थायरॉइड ग्रंथियों में गड़बड़ी भी इसका कारण बन सकती है। कुछ मामलों में क्रोमोसोम से जुड़ी समस्याएं, जैसे, भी किशोरावस्था के सामान्य विकास को प्रभावित करती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि बच्चे में लंबे समय तक प्यूबर्टी के लक्षण दिखाई न दें तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता लगाकर समय पर इलाज किया जा सके।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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