सिंगरौली। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक सियाज के.एम. की उपस्थिति में जिला आपदा प्रबंधन कार्य योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी विभागों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों और संवेदनशील नदी-नालों का चिन्हांकन करने तथा बहाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं रेस्क्यू कैंपों के लिए स्थान पहले से तय कर वहां भोजन, पेयजल, शौचालय और आश्रय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। बैठक में बाणसागर डैम और सोन नदी के जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं के साथ विशेष रूप से एंटी स्नेक वेनम का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल स्रोतों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और अन्य दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश दिए, ताकि वर्षाकाल में संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके। वहीं विद्युत विभाग को बाढ़ की स्थिति में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने तथा 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर होमगार्ड और एसडीआरएफ टीमों को रबर बोट, मोटर, सेफ्टी टॉर्च और डीप डाइविंग सेट सहित सभी रेस्क्यू उपकरणों की प्री-टेस्टिंग करने तथा मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम को वर्षा पूर्व सभी नालों की सफाई और अतिवृष्टि की स्थिति में फील्ड अमले को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में औद्योगिक कंपनियों को भी कड़े निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी कंपनियों से ऐशडाइक डैम का ड्रोन सर्वे और तकनीकी निरीक्षण कर फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में दूषित पानी या फ्लाई ऐश का मलबा स्थानीय बस्तियों और नदियों में नहीं पहुंचना चाहिए, अन्यथा संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।n कोल माइंस प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया कि खदानों में जमा होने वाले पानी का उचित उपचार कर उसे माइंस क्षेत्र में ही संरक्षित किया जाए तथा दूषित जल नदियों में न छोड़ा जाए। वहीं रिहंद डैम प्रबंधन को डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और जलस्तर बढ़ने की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक सियाज के.एम. ने एसडीआरएफ, पुलिस, सीआईएसएफ और फायर यूनिट्स के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए संयुक्त प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे सभी पुल-पुलियों का सर्वे कराने को कहा जहां बारिश के दौरान जलभराव की आशंका रहती है। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और जरूरत पड़ने पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि रोकी जा सके।
